कभी हम युवराज के छक्के और धोनी के बालों के लिए मर गए,
कभी हम सलमान के चरित्र, मधुबाला के चेहरे और कैटरीना कि चालों के लिए मर गए,
कभी हम अमेरिका के वीसा और IT की Job के लिए मर गए,
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कहीं होंगे भगत सिंह तो कहते होंगे - यार सुखदेव, राजगुरु
..... हम भी किन सालों के लिए मर गए ! .
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